*गंगा के समान श्री राम कथा* हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे कृष्ण आपको मेरा बार-बार प्रणाम आपका दास मधु मंगल दास हरे कृष्ण _पूँछेहु रघुपति कथा प्रसंगा।_ _सकल लोक जग पावनि गंगा॥_ भगवान भोंले नाथ ने देवी पार्वती से कहा है गिरिराज कुमारी तुम धन्य हो तुमने श्री रघुनाथ की कथा का प्रसंग पूछा है जो जगत को पवित्र करने वाली गंगा के समान है। श्री राम की कथा भोंलेनाथ के द्वारा कही गई उमा जी द्वारा सुनी गई तथा हनुमान जी द्वारा तुलसी दास की रचना को अनुमोदित की गई। साधु संत महात्मा गुरुजनों द्वारा इसको लोक हित मे गाई जाती है। इस कथा का चिंतन किया जाता है। इस कथा के अनुमोदन करने, गाने सुनने और सुनाने से समस्त प्रकार के पाप नष्ट हो जाते है तथा बुद्धि में निर्मलता आती है, आत्म बल बढ़ता है और सुख शांति प्राप्त होती है। गंगा जी के घाट पर जाने के बाद पाप धुलते हैं लेकिन इस कथा को जहा भी सुनो वहीं घाट बन जाता है, वहीं तीर्थ बन जाता है, वहीं ज्ञान रूपी गंगा प्रा...