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तुलसी पूजा

 प्रिय साधको प्रणाम 🙏


आज का विषय है *💥तुलसी माता की पूजा से संबन्धित तथा उनके पवित्र मंत्र💥* आदि 


तुलसी माँ की प्रतिदिन पूजा  करने से घर में धन-संपदा, वैभव, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती हैं। 

यदि प्रतिदिन मां तुलसी से कोई मनोकामना कहीं जाए तो वह भी निश्चित रूप से पूरी होती है।

शिव भगवन तथा गणेश पूजा के अतिरिक्त कोई भी पूजा तुलसी के बिना अधूरी होती है । 


साधको तुलसी माँ की महिमा अपार  है , 

तुलसी दर्शन करने से  समस्त पापों का नाश होता है, 

उन्हे स्पर्श करने से शरीर पवित्र होता है, 

तुलसी माता को प्रणाम करने से  रोगों का निवारण होता है, 

तो उन्हे जल से सींचने पर मनोकामना पूर्ति  होती  है, 

उनका पौधा लगाने से जातक भगवान के समीप आता है

तो वही उनको भगवद चरणों में चढ़ाने पर मोक्ष रूपी फल प्राप्त होता है, 


👉 तुलसी पत्र कभी भी द्वादशी , रविवार , सूर्यास्त के बाद , सूर्य ग्रहण तथा चन्द्र ग्रहण के दिन नहीं तोड़ना चाहिए , ना ही जल अर्घ्य देना चाहिए , 


👉 परंतु उनके समक्ष दीपदान प्रतिदिन कर सकते है । 


👉 तुलसी के पौधे के नीचे शालिग्राम जी की स्थापना कर सकते है परंतु शिवलिंग की नहीं ।


👉 शालिग्राम भगवान पर तुलसी की मंजरी , विष्णु, राम, कृष्ण तथा हनुमान भगवान पर तुलसी का पत्र अर्पित करते है , परंतु गणेश भगवान तथा महादेव व शिवलिंग पर कभी भी तुलसी पत्र अथवा दल नहीं अर्पित करते हैं । 


👉 जिस तुलसी के पौधे की आप नित्य पूजा करते हो उस पौधे को महीने मे एक बार चुनरी , बिंदी तथा लाल चूड़ी अवश्य अर्पित कर दिया करे , यह कार्य यदि घर की महिलाए करे तो अति उत्तम होगा । 


👉 जिस तुलसी की पूजा करे उस तुलसी के पत्र कभी न तोड़े , न ही नाखून का तोड़ने मे उपयोग करे ( सिर्फ सूखे पत्ते , मंजरी अथवा सफाई छटाइ आदि के लिए तोड़ सकते हैं। 

अन्य पौधे से पूजा व प्रभु के भोग क लिए तुलसी तोड़ते समय निम्न मंत्र जपना चाहिए अथवा साधक अपनी भाषा मे भी क्षमायाचना कर सकता है : -

*✨मातस्तुलसि गोविन्द हृदयानन्द कारिणी*

*नारायणस्य पूजार्थं चिनोमि त्वां नमोस्तुते ✨*


👉नित्य प्रति प्रातः काल तुलसी माता को जड़ से जल का अर्घ्य देते हुए उनके शिखर तक धार बनाते हुए जलर्घ्य देना चाहिए तथा यह मंत्र बोलना चाहिए :- 

*✨महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी*

*आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते✨*


👉 यदि आपके घर मे शालिग्राम स्थापित है तो उन्हे और हनुमान जी , राम जी, कृष्ण भगवान तथा विष्णु जी व सत्यनारायन भगवान को तुलसी जी दल व पत्र इस मंत्र के साथ अर्पित करे :- 

*✨नमस्तुलसि कल्याणि नमो विष्णुप्रिये शुभे*

*नमो मोक्षप्रदे देवि नमः सम्पत्प्रदायिके✨*


👉 प्रभु को मिसरी के साथ तुलसी पत्र का भोग लगाते हुए इस मंत्र का जाप करना चाहिए :- 

*✨तुलसि श्रीसखि शुभे पापहारिणि पुण्यदे* 

*नमस्ते नारदनुते नारायणमनः प्रिये✨*


👉  सायंकाल तुलसी के समक्ष दीपदान करते समय यह श्लोक बोलना चाहिए :- 

 *✨तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी*

*धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया✨*


👉 साधक को प्रतिदिन तुलसी माँ का  यह नामाष्टक भी प्रतिदिन एक पाठ अवश्य कर लेना चाहिए :-

 *✨ वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी*

*पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी*

*एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम*

*य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता✨*


प्रिय साधकों हर सनातनी का यह परम कर्तव्य है कि वह नित्य तुलसी पूजा तथा किसी भी रूप में नारायण भक्ति अवश्य करें


🚩🚩 *जय श्री राम* 🚩🚩

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