*मेहनत और सत्य का सहारा कभी निष्फल नहीं जाता। मन में उठ रहे लालच को छोड़ दें यह सब कहने से नहीं होगा। यदि पानी से भी घी निकलने लग जाए तो कोई भी इस संसार में रुखा सुखा नहीं खाएगा।*
*बिना मेहनत के अगर सब कुछ मिलने लग जाये तो कोई भी इस संसार में मेहनत नहीं करेगा। भगवान को पाना मुश्किल नहीं है, लेकिन संतों का साथ मिलना और उनके चरणों में रहना मुश्किल है।*
*जिन्हें सन्त मिले उनके लिए ईश्वर-प्राप्ति मुश्किल नहीं है। जो सत्य की राह पर सद्कर्मों के साथ हैं तो उस सत्य की नाँव हिलेगी डुलेगी लेकिन डूबेगी नही।*
*!!!...साधकको हर समय सावधान रहना चाहिये। सावधान रहनेका तात्पर्य है—किसीसे कभी कुछ न चाहना...!!!*
Comments
Post a Comment