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ब्रम्हा की वंशावली

 ब्रह्मा की सन्तान

ब्रह्मा जी से दक्ष हुआ जिसे ब्रह्मा जी ने सृष्टि करने की आज्ञा दी । तब दक्ष ने अपनी पत्नी वीरिणी के गर्भ से ६० कन्याएं उत्पन्न कीं। उनमें से दस को धर्म से, तेरह कश्यप जी से, सत्ताईस चन्द्रमा से ब्याह दीं । चार कन्याएं अरिष्टनेमि को, दो भृगुपुत्र को, दो कृशाश्व को, दो अंगिरा मुनि को ब्याह दी ।


कश्यप की स्त्रियां 

अदिति 

अंश

धाता

भव

त्वष्टा

मित्र

वरुण

अर्यमा

विवस्वान

सविता

पूषा

अंशुमान

विष्णु - ये सहस्त्र किरणों वाले बारह आदित्य हैं 

सुरभि 

अजैकपाद

अहिर्बुधन्य

विरुपाक्ष

रेवत

हर

बहुरूप

त्र्यम्बक

सवित्र

जयन्त

पिनाकी

अपराजित - ये ग्यारह रुद्रगण हैं, जो असंख्य रुद्रगणों के स्वामी हैं 

दिति 

हिरण्यकश्यिपु

प्रह्लाद 

गवेष्ठि

कालनेमि

जम्भ

बल्वल

शम्भु 

धेनुक, शोमलोमा 

विरोचन 

बलि 

अनुह्लाद  

निवातकवच नामक दैत्य(लगभग ३ करोड़, सभी अर्जुन द्वारा मारे गए)

ह्लाद

 मूक (अर्जुन द्वारा किरात प्रदेश में मारा गया)

ह्लद  

सुन्द  

मारीच (ताड़का से, दण्डकारण्य में श्रीराम द्वारा मारा गया)

उपसुन्द

हिरण्याक्ष

अन्धक

शकुनि

कालनाभ

महानाभ

भूतसन्तापन (सभी तारकामय संग्राम में मारे गए)

धर्म की स्त्रियां 

मरुत्वती 

मरुत्वान

जामी 

नागवीथी (कन्या)

वसु

आप 

देव

भ्रम

शांत

ध्वनि 

ध्रुव

काल 

सोम

वर्चा

बुध 

वर 

हुत

हव्यवह

द्रविण 

अनल 

अग्नि के समान गुण वाले कई पुत्र 

अनिल 

मनोजव

अविज्ञातगति 

प्रत्युष 

देवल 

प्रभास - ब्रह्मवादिनी (बृहस्पति की बहन और प्रभास की पत्नी हुई) 

विश्वकर्मा (शिल्पकार)

लंबा 

घोष

भानु 

भानु

अरुंधति 

पृथ्वी पर होने वाले समस्त प्राणी 

संकल्पा 

संकल्प 

मुहूर्ता 

मुहूर्त 

साध्य (साध्य/तुषित देवता)

मन 

अनुमन्ता 

प्राण 

नर 

पान 

नेमि 

यम 

नृप 

हंस 

नारायण 

विभु 

प्रभु 

विश्वा 

विश्वेदेव

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